कहानी का कार्यक्षेत्र

2018

चप्पल/जूते रखने की व्यावश्ता

GMS Basanpali

Chhattisgarh

गुरु

MD ISRAFIL

छात्रों

Narayan chauhan,

Akash pradhan,

Sankirtan bhumiyan ,

Reema gupta,

Pratap bhumiyan ,

Kishan sarthi,

Maya chauhan,

Saraswati sarthi,

Step 1 महसूस करें

चप्पल/जूता खोलकर रखने पर पैरो से ठोकर खाकर इधर-उधर हो जाता, साथ ही पानी मे भींग जाने से नुकसान भी हो जाता था। कक्षा में पहनकर जाने पर रास्ते का कीचड़ कक्षा में फैल जाता जिसे बार-बार साफ करना पड़ता था ।

चप्पल/जूता खोलकर रखना ।

विद्यार्थी और शिक्षक । * चप्पल/जूता बाहर रखने पर बरसात के पानी से खराब हो जाता । * पहनकर अंदर जाए तो कक्षा में कीचड़ फैल जाता ।

Step 2 Imagine

* चप्पल/जूता कक्षा के एक कोने में खोलें । * चप्पलों को रखने का स्टैंड का निर्माण । * बाहर चदरा/एलबेस्टर का छत बनाया जाए ।

चप्पल/जूता रखने का स्टैंड । क्योंकि इसे एक स्थान पर रखा जा सकता है । जरूरत के अनुसार इसका स्थान बदला भी जा सकता है ।

Step 3करना

सबसे पहले स्टैंड बनाने के लिए लकड़ी की पटरी, कील, लोहे का स्टैंड आदि जरूरत के सामानों का लिस्ट तैयार किया फिर यह सब कैसे प्राप्त होगा पर चर्चा किये । सामानों में कुछ स्कूल से कुछ छात्रों के घरों से प्राप्त हो गया । फिर बढ़ई (लकड़ी से पलंग, दरवाज़ा आदि बनानेवाला मिस्त्री) को ढूंढकर स्टैंड का निर्माण करवाया गया।

चप्पल स्टैंड बनकर तैयार हो गया और सारे बच्चें चप्पल/जूते को स्टैंड में ही रखते हैं ।

विद्यालय से सारे बच्चे व शिक्षक

इस स्टैंड के बन जाने से बच्चों में उत्साह है और वो कहते है कि अब हमारे चप्पल को न तो पानी से कोई नुकसान होगा और न ही इधर उधर होने का खतरा । शिक्षक के अनुसार कक्षा में रास्ते का कीचड़ नही आ रहा जिससे कक्षा व प्रांगण स्वच्छ रहता है ।

बढ़ई को ढूंढना मुश्किल काम था । एक बढ़ई मिला भी तो पैसा मांग बैठा । जिसे बच्चों के समूह ने जाकर, बतलाया कि यह स्टैंड हमारे स्कूल में लगाया जाएगा उसी स्कूल में आपका पोता भी पढ़ रहा है । हम बच्चों ने इस काम को करने के लिए कदम बढ़ाया है । आपके पास हुनर है आप हमारा सहयोग करे ताकि हम बच्चें अपने चप्पल को स्टैंड में रख पाए और हमारा विद्यालय स्वच्छ हो पाए । अंततः वह बच्चों के लिए चप्पल स्टैंड बनाने को तैयार हो गया ।

15-30 दिन

उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा

जिस तरह मंज़िल को पाने के लिए कदम बढ़ाना पड़ता है उसी तरह शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यालय तक जाना पड़ता है । और जब विद्यालय जाए तो मन पढ़ाई के अलावा चप्पल पर जाए तो शिक्षा हासिल करने में कठिनाई होगी । और जब हम पढ़ाई में नवाचार ला सकते हैं तो अपने चप्पलो को रखने के लिए भी कुछ नया सोचा जा सकता है न । अतः चप्पल स्टैंड बनाना बच्चों के लिए एक नवाचार ही है ।

Step 4 साझा करें

गांव में बच्चों के अभिभावक तथा अन्य शिक्षक मित्रो से साझा ।

20-50

बाल सांसदों की देख रेख में स्टैंड रहेगा, ताकि बच्चों के द्वारा किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचाया जा सके ।