कहानी का कार्यक्षेत्र

2018

Urinal facility for school

Kamalnayan Jamanalal Bajaj Foundation WARDHA

Maharashtra

गुरु

Javed Rizavi

छात्रों

Lakshmi Uikey,

Nikita ilure,

sheetal murle,

dishant mun,

Step 1 महसूस करें

भूख के कारण मौत, अशिक्षा, बेरोजगारी, विशेष योग्यता रखने वाले लोगों की जीवन यापन की समस्या, वृद्धो की घर की समस्या शौचालय की समस्या

शौचालय की समस्या इसलिए हमें भी लगता है कि जैसे बड़े बड़े स्कूल में बड़े बड़े लोगों के लिए जैसे शौचालय होते हैं वैसे ही शौचालय हमारे यहां पर हम हमारे हर्षित के मुताबिक करें इसलिए हम नहीं यह प्रोजेक्ट लिया

इस सभी समस्या से हमारे स्कूल के समस्त विद्यार्थी परेशान थे उसी तरह हमारे स्कूल के टीचर वह भी परेशान थे. और इससे हमारे स्कूल में हमारे स्टूडेंट में हाइजीनिक का प्रॉब्लम हो कर एक गंदगी और उससे उससे संबंधित बीमारियों ने झगड़ा हुआ था इसलिए यह प्रोजेक्ट चुना गया

Step 2 कल्पना

1. स्कूल में सर से परमिशन लेना. 2. स्कूल के सभी बच्चों को अपने चैलेंज के बारे में बता कर घर घर से हर घर से एक टिन का डब्बा जमा करना हैं 3. डब्बा हमें बनाने में मदद करें उससे हमें सजेशन लेना है. 4. इसको माप के अनुसार लड़का और लड़की के शौचालय में लगाना है पेन को सही शेप में लाकर उसको पेन मारकर उसी डिब्बे से और हमारे स्कूल के हर क्लास में रखकर उसमें हमको कूड़ा कचरा भी डालना है 6. उसका यूज़ हम हमारे घर के हमारे मम्मी के यूज़ में आ सके यह भी उसमें बनाना है.

1. स्कूल में सर से परमिशन लेना. 2. स्कूल के सभी बच्चों को अपने चैलेंज के बारे में बता कर घर घर से हर घर से एक टिन का डब्बा जमा करना हैं 3. डब्बा हमें बनाने में मदद करें उससे हमें सजेशन लेना है. 4. इसको माप के अनुसार लड़का और लड़की के शौचालय में लगाना है पेन को सही शेप में लाकर उसको पेन मारकर उसी डिब्बे से और हमारे स्कूल के हर क्लास में रखकर उसमें हमको कूड़ा कचरा भी डालना है 6. उसका यूज़ हम हमारे घर के हमारे मम्मी के यूज़ में आ सके यह भी उसमें बनाना है. यह सब करने की वजह यह थी कि हमारी स्कूल ग्रामीण भाग की थी और हमारे पास इतने पैसे नहीं थे कि हम बड़े बड़े स्कूल के जैसे यूरिनल्स बना सके इसलिए हम लोगों ने यह सब जो कम पैसे में हो और हमारा बाथरूम में हमारा ड्रीम बाथरूम मैंने इसलिए हमने यह सब किया

Step 3करना

सबसे पहले हम लोग हमारे सर से परमिशन लेकर हमारे सभी बच्चों के घर से तीन के तेल के डिब्बे जमा किए और उसके बाद हमने उसे धोया साफ किया उसे शेर दिया उसको पेन मारकर हम लोगों ने जो हमने सोचा था सब बनाया और कुछ इसमें हमें कठिन है कठिन आई आई उसमें हम लोगों ने सर की मदद ली उसके बाद हमने यह भी सोचा कि यह टीम के डिब्बों में हम लोग हमारे स्कूल में और क्या क्या कर सकते उसके लिए हमने हमारे क्लास के लिए कचरा दबाव बनाया हमारे घर के मम्मी के लिए हमने मम्मी के उपयोग के लिए सूप बनाया और उसके बाद हमारे लड़कियों के प्रॉब्लम में जो महामारी का प्रॉब्लम होता है उसमें जो चीजें के लिए हाइजीनिक हो उसके लिए भी हमने हमारे बाथरूम में हाइजीनिक के तौर पर को लगाकर उसका प्रॉपर इस्तेमाल किया

हमारे प्रोजेक्ट का यह प्रभाव हुआ कि अब हमारा भी स्कूल का बाथरूम बड़े स्कूल के बाथरूम जैसा हो गया है और अब जो दिक्कत बीमारियों की और गंदगी की ओर जो हाइजीनिक की बातें थी अब प्रॉपर हमारे स्कूल के लड़के और लड़कियां वह यूरेनस का उपयोग करते हैं और प्रॉपर उपयोग करने से अभी बीमारी का खतरा भी टल गया है उसकी दुर्गंध भी नहीं आती और सब कुछ हमें बड़े स्कूल के बड़े-बड़े स्कूल के बड़े-बड़े लोगों के जैसा बाथरूम हमें लगता है

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प्रथम शिक्षक - बच्चों ने डिजाइन फॉर चेंज से यह जो चैलेंज लिया और उनके उन्होंने प्रोजेक्ट के रूप में जो उनके मिस यूज चीज से उन्होंने यूजफुल चीज बनाया यह बहुत बड़ी बात है. द्वितीय शिक्षक - डिजाइन फॉर चेंज यह प्रोग्राम में बच्चों को यह प्रेरणा मिली कि हम भी कुछ कर सकते हैं और यह बच्चों के लिए काफी मोटिवेशनल रहा मैं बच्चों का बहुत-बहुत आभारी हूं बच्चे ऐसे ही कुछ हमारे स्कूल के लिए अपने खुद के लिए करते रहे

हमें यह प्रोजेक्ट करने में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हम हमारे बाथरूम को ड्रीम और बड़े स्कूल के बच्चों के बाथरुम जैसा बाथरूम डिजाइन कैसे बनाएं इसके लिए हमें बहुत चुनौती है जिनकी पड़ी और इसके चुनौती के लिए हमें इंटरनेट ने साथ दिया और इंटरनेट से हम लोगों ने डिजाइन के लिए करके हमारे बाथरूम के हिसाब से वह सब तेल के डिब्बे से हमने हमारा यूरिनल्स बनाया

30 दिन से अधिक

स्वच्छ पानी और स्वच्छता

स्वच्छता का जो पाठ है वह हमें हमारे जितने भी महापुरुषों के गया सब ने दिया है इसलिए हमें लगता है कि स्वच्छता है तो सब है और स्वच्छता ही इसमें मां सरस्वती जी विराजमान होती है इसलिए हमें लगता है कि यह दुनिया के लेवल पर अगर होना है तो स्वच्छता ही यह सर्वश्रेष्ठ है

Step 4 साझा करें

हमारा हमने हमारा यह प्रोजेक्ट जो है वह हमारे स्कूल के असेंबली में में शेयर किया और स्टूडेंट को बताया कि इस को कैसे यूज करना है इसके फायदे कैसे क्या है इसके साथ साथ हम लोग जब डब्बा लेने घर घर पहुंचे तब हम लोगों ने गांव के हर एक घर में जाकर हर 1 लोगों को हमारे प्रोजेक्ट के बारे में बताया उनको कहा कि आप भी ऐसा कुछ कर सकते हो

100 से अधिक

आगे भी हम इस प्रोजेक्ट को चलाना चाहते हैं इसके लिए हम हमारे जो जूनियर बच्चे हैं उनको भी बताएंगे की डिजाइन फॉर चेंज क्या है और इससे आप लोग क्या कर सकते हो और और और इसके बारे में हम हमारे गांव के हर एक लोगों को बता रहे हैं कि इस टाइप में ऐसे जो चीज काम की नहीं होती है उसको हम लोग काम की कैसे बनाएं