कहानी का कार्यक्षेत्र

2018

एक दुजे के लिये

KAMALNAYAN JAMNALAL BAJAJ FOUNDATION

Maharashtra

गुरु

RAHUL BORKUTE

छात्रों

समृद्धी काटकर ,

तुषार मानकर ,

Step 1 महसूस करें

१) स्कूल को कमपौड २) किसान भाई के लिये उडणे वाली स्प्रे मशीन ३) ओले गिरणे के कारण मारेहुवे पंची ४) लाडकीयोको लाडको द्वारा छेड

काम करने के लिए चुनी गई समस्या ओले गिरणे के कारण मारे हुवे पंची यह है क्योकी बहुतसे बच्चो को बुरा लगा की पंची मर रहे है .बहुमत से समस्या चुनी गई ..

समस्या से काफी बच्चे प्रभावित हुए थे ,उनकी प्रमुख चिंता थी कि जीवन चक्र मी पंची भी आते है .

Step 2 कल्पना

१) २० /२० रुपये जमा करणा २) उससे घोसला बनाने सामान खारीद्ना ३) चारा पाणी हेतू बर्तन बनाना ४) पेडोपर लटकाना

उक्त सूची में से सभी समाधान को हमने क्रियान्वित किया क्यों कि सभी करणे योग्य थे कि सभी बच्चो ने २० /२० रुपये जमा किये उससे जरुरी समान खरेदी किये ओर घोसला बनाने कि प्रक्रिया चालू हुई .अलग अलग बच्चे ने अपना दिमाख लगाकर पंची का घोसला बनाया चारा पाणी हेतू बर्तन अपने घर से लाया . स्कूल के परिसर ने पेडोपर अलग अलग जगह लटकाया .

Step 3करना

सभी बच्चो ने २० /२० रुपये जमा किये उससे जरुरी समान खरेदी किये ओर घोसला बनाने कि प्रक्रिया चालू हुई .अलग अलग बच्चे ने अपना दिमाख लगाकर पंची का घोसला बनाया चारा पाणी हेतू बर्तन अपने घर से लाया . स्कूल के परिसर ने पेडोपर अलग अलग जगह लटकाया .

हमारे प्रोजेक्ट का यह रिजल्ट रहा कि ६७ घोसले ओर पाणी के बर्तन बनकर लटकाये गये जहा पंछी आकर बैठने लगे उससे अभी बच्चो को समाधान मिला .

हमारे सॉल्युशंस से १०० से अधिक लोग प्रभावित हुए

जीवन चक्र बनाये रखणे हेतू यह जरुरी है की एक दुजे के लिये जिना मदत करणा जरुरी है

घोसला बनाते वक्त अलग अलग सुझाव आये ,उससे चुनाव करणा कठीण था कि ईसमे पंची आयेगा कि नही पर हम सही साबित हुये .

7-15 दिन

भूमि पर जीवन

जीवे जीवस्य जीवनं ऐसा श्रीमत भागवत कहता है हम उसी से ऐसा सोचते हैं

Step 4 साझा करें

हमने अपना प्रोजेक्ट को स्कूल और कम्युनिटी के साथ घोसला दिखते हुवे साझा किया, गाव के लोगो के साथ साझा किया दुसरे स्कुलमे जाकर बताया .

100 से अधिक

हम सभी छात्र हमेशा निसर्ग के सभी जीव को मदत करते रहेंगे इसा वचन लिया .