कहानी का कार्यक्षेत्र

2018

To reducing discrimination in boy and Girls

Kamalnayan Jamanalal Bajaj Foundation WARDHA

Maharashtra

गुरु

Javed Rizavi

छात्रों

SAKSHI RAKUNDE,

VAISHNAVI RAKUNDE,

SHREYA SAKARKAR,

MANISHA,

Step 1 महसूस करें

कचरे की समस्या, बेरोजगारी, नशापान, भ्रूण हत्या, लिंग भेद

लिंग के आधार पर भेद भाव. और भ्रूण हत्या क्योकिं इतने प्रयास के बाद भी समाज में लिंग भेद की समस्या बरकरार है..क्यों ???क्या आज हमें एक ऐसे समाज की आवश्यकता नहीं है, जहाँ महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भऱ बन सकें और जहाँ वह समान रूप से हर क्षेत्र में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले सकें ??

आज महिलाएं पुरुषों से कन्धे से कन्धा मिलाकर चल रही हैं. हर क्षेत्र में उन्होनें अपना अच्छा प्रदर्शन दिया है, इस समस्या से गाँव की लड़कियां और महिलाएं ज्यादातर प्रभावित हुए हैं. उनकी प्रमुख चिंता यह हैं की कोई भी कार्य, जगह और पढाई, खेलने में उनके साथ लिंग के आधार पर भेद भाव किया जाता हैं.

Step 2 कल्पना

1. सबसे ग्रामीण सर्वेक्षण 2. जागरूकता अभियान 3. संगोष्टी का आयोजन. 4.संदर्भित शिक्षक की अनुमति से लैगिक समानता को लेकर कार्यक्रम. 5. प्रश्नावली सर्वेक्षण 6. गृह भ्रमण 7. नुक्कड़ नाटक का आयोजन. 8. लड़कों और लड़कियों के लिए खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन

उपरोक्त सभी सलूशन को लेकर गाँव में विद्यालय के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया. क्योकि गाँव में जो लिंग के आधार पर भेद भाव है, उसे खत्म किया जा सके.

Step 3करना

1. सबसे पहेल ग्रामीण सर्वेक्षण किया. 2. विद्यालत के विद्यार्थी ने गाँव में जागरूकता अभियान का आयोजन. 3. विद्यालय और गाँव वालों के लिए संगोष्टी का आयोजन किया . 4.संदर्भित शिक्षक की अनुमति से लैगिक समानता को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया.. 5. प्रश्नावली सर्वेक्षण के माध्यम से लिंग भेद के आधार पर प्रश्न पूछे. 6. गृह भ्रमण के माध्यम से गाँव में जागरूकता लायी. 7. नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया . 8. लड़कों और लड़कियों के लिए खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया.

इस प्रोजेक्ट से गाँव में लिंग भेद को लेकर लोगों में 7 प्रतिशत मानसिकता में परिवर्तन आया है. और लड़के और लड़कियों को एक सामान नजर से देखा रहा है.

200

ग्राम वासी प्रथम - इस प्रोजेक्ट से गाँव में एक ऐसे वातावरण का निर्माण हुआ है, जहाँ भेद भाव को खत्म करने की कोशिश की जा रही हैं. ग्राम वासी द्वितीय - लड़कियों को समान अवसर मिलना चाहिए और बहुत ही अच्छा कार्यक्रम किया.

घरवालों ने और गांववालों मना किया. इस प्रोजेक्ट के लिए शिक्षक और बजाज फाउंडेशन के सर की मदद ली.

30 दिन से अधिक

लैंगिक समानता

लिंग भेद से समाज में अराजकता और एक बहुत ही ज्यादा भेद भाव उत्पन्न हो रहा हैं. अगर समाज में भेद भाव खत्म होगा तो देश उन्नति और विकास करेगा. महिलाएं पुरुषों से कन्धे से कन्धा मिलाकर चल रही हैं. हर क्षेत्र में उन्होनें अपना अच्छा प्रदर्शन दिया है, परन्तु फिर भी उनके साथ लिंग भेदभाव देखा जा सकता है. उन्हें बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता है.

Step 4 साझा करें

अपने विद्यालय और गाँव में अपने प्रोजेक्ट को विभिन्न माध्यम से साँझा किया. एक और स्कूल में सारे विद्यार्थी और शिक्षक के बीच हमने अपने प्रोजेक्ट को साँझा किया और दूसरी और गाँव में वहां के प्रोग्राम को Cordinator और अन्य लोगों के समक्ष साँझा किया.

100 से अधिक

इस प्रोजेक्ट को आगे भी विद्यालय के माध्यम से आगे भी संचालित करना हैं. और इसमें आगे एक परंपरा के रूप में लिंग भेद को खत्म करने के लिए साल दर साल इसे चलाएंगे.